नक्सल मुक्त इलाकों में विकास को रफ्तार: मुख्य सचिव का बड़ा निर्देश, CAMPA फंड से बनेंगे सड़क, पुल और जरूरी भवन
713.73 करोड़ की कार्ययोजना मंजूर, वन क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण संरक्षण पर सरकार का फोकस

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैम्पा (CAMPA) की समीक्षा बैठक में उन्होंने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वन क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया, पहुंच मार्ग और आवश्यक भवनों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास और सरकारी सुविधाएं तेजी से पहुंच सकें।
नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बढ़ेगा इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन क्षेत्रों में नक्सल प्रभाव समाप्त हो चुका है, वहां अधोसंरचना विकास में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने से इन इलाकों में प्रशासन की पहुंच मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को विकास योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
713.73 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 713.73 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजी गई है। इसमें से 436.19 करोड़ रुपये की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। बैठक में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई।
वन और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि CAMPA निधि से राज्य में क्षतिपूरक वनीकरण, सिंचित और असिंचित वृक्षारोपण, बांस वनों का पुनर्जीवन, वन घनत्व बढ़ाने के कार्य, वन्यजीव संरक्षण, चरागाह विकास, चेक डैम और तालाब निर्माण के जरिए भू-जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधार जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) अरुण पांडेय, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद, CAMPA की सीईओ शालिनी रैना सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
